कारगिल विजय दिवस के मौके पर भेजें देशभक्ति से भरे ये संदेश, शहीद वीरों को करें नमन
कारगिल विजय दिवस: वीरता और बलिदान का प्रतीक
प्रस्तावना:
हमारे देश भारत की वीरता और बलिदान की कहानियां हमें हमेशा प्रेरित करती हैं। वीरता का यह एक ऐसा महोत्सव है, जिसमें हम उन शूरवीरों को याद करते हैं, जिन्होंने अपने प्राणों की कड़ी मेहनत से हमारे देश का सम्मान बढ़ाया है। एक ऐसा महत्वपूर्ण और गौरवशाली दिवस है "कारगिल विजय दिवस", जिसके माध्यम से हम अपने वीर जवानों को श्रद्धांजलि देते हैं और उनके साहसी कारनामों को स्मरण करते हैं।
पृष्ठभूमि:
1999 के माह जुलाई में हुए कारगिल युद्ध ने पूरे देश को अपने वीरता का अहसास कराया। भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद चल रहा था और उस समय कारगिल क्षेत्र में भारतीय जवान ने अपने शौर्य और साहस से देश के सम्मान की रक्षा की। इस संघर्ष के दौरान भारतीय सेना को पाकिस्तानी सैन्य के साथ खूबसूरत जीत हासिल हुई और यह विजय वर्ष 1999 के 26 जुलाई को पुन्हा प्राप्त हुई, जिसे हम "कारगिल विजय दिवस" के रूप में जानते हैं।
महत्वपूर्ण पल:
कारगिल विजय दिवस एक महत्वपूर्ण और गर्व का दिन है, जो हमें याद दिलाता है कि वीरता का मतलब क्या होता है। इस दिवस के अवसर पर देशवासियों ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के साथ साझा किया। इस दिन को भारतीय झंडा गर्व से लहराया जाता है और सैन्य बैंडों के साथ परेड निकालकर वीरता का सम्मान किया जाता है। सरकारी और गैर-सरकारी संगठन भी समारोह आयोजित करते हैं और वीर जवानों को सम्मानित किया जाता है।
शौर्य की कहानियां:
कारगिल विजय दिवस पर देशवासियों को अपने वीर सैनिकों के कई शौर्य की कहानियां सुनने को मिलती हैं। वीर जवानों ने अपने देश के लिए जान की बाजी लगा दी और खून पसीने का संघर्ष करते हुए विजयी बने। उनकी साहसिक कहानियां हमें यह सिखाती हैं कि जीवन में समस्याओं का सामना करने के लिए हमें निडरता से सामना करना चाहिए।
हम तो हथेली पर अपनी जान लिए फिरते हैं.
कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन...
. मुझे न तन चाहिए न धन चाहिए,
बस अमन से भरा ये वतन चाहिए,
जब तक जिंदा रहूं इस मातृभूमि के लिए,
और जब मरूं तो तिरंगा कफ़न चाहिए.
कारगिल विजय दिवस की शुभकामनाएं 2023
. जिन्हें है प्यार वतन से,
वो देश के लिए अपना लहू बहाते हैं,
मां के चरणों में अपना शीश चढ़ाकर,
देश की आजादी बचाते हैं
कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन...

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